“उत्तर प्रदेश की नई फिल्म सिटी 2025 में बॉलीवुड को आकर्षित करने के लिए शानदार सब्सिडी और सुविधाएं ला रही है। बोनी कपूर की अगुवाई में बन रही इस फिल्म सिटी में 40% तक की सब्सिडी, स्टूडियो, और फिल्म इंस्टीट्यूट जैसी सुविधाएं होंगी। यूपी सरकार का लक्ष्य है ग्लोबल सिनेमा हब बनाना।”
यूपी में फिल्म सिटी: बॉलीवुड को नई राह
उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर 21 में बन रही अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी 2025 में बॉलीवुड और ग्लोबल फिल्ममेकर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के तहत 1,000 एकड़ में फैली इस परियोजना का पहला चरण 230 एकड़ पर 1,510 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। बोनी कपूर की Bayview Projects LLP और Bhutani Infra के कंसोर्टियम ने इसका कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है, जिसमें 155 एकड़ फिल्म प्रोडक्शन और 75 एकड़ कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए निर्धारित हैं।
यूपी सरकार ने फिल्ममेकर्स को आकर्षित करने के लिए आकर्षक सब्सिडी पैकेज की घोषणा की है। यदि कोई फिल्म यूपी में 50% शूटिंग करती है, तो उसे 1 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। अगर दो-तिहाई शूटिंग यूपी में हो, तो यह राशि 2 करोड़ तक बढ़ सकती है। इसके अलावा, यदि फिल्म अवधी, ब्रज, बुंदेली या भोजपुरी में बने, तो लागत का 50% तक सब्सिडी दी जाएगी। यूपी के पांच मुख्य कलाकारों को शामिल करने पर 25 लाख रुपये और सभी कलाकार यूपी के होने पर 50 लाख रुपये अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है।
केंद्र सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है। 2023 में घोषित नई नीति के तहत, विदेशी फिल्म प्रोडक्शंस को भारत में शूटिंग के लिए 40% तक रीइंबर्समेंट (अधिकतम 3.5 मिलियन डॉलर) और सिग्निफिकेंट इंडियन कंटेंट के लिए 5% अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। यह योजना National Film Development Corporation (NFDC) के तहत संचालित होती है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रदान करती है।
इस फिल्म सिटी में अत्याधुनिक स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं, फिल्म इंस्टीट्यूट, और एक डेडिकेटेड फिल्म फेस्टिवल डिस्ट्रिक्ट होगा, जिसमें गेस्ट हाउस और ऑडिटोरियम शामिल होंगे। बोनी कपूर ने बताया कि छोटे स्टूडियो विभिन्न राज्यों की वास्तुकला को दर्शाएंगे, जिन्हें शूटिंग के बाद गेस्ट अकॉमोडेशन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। एक भारतीय सिनेमा के इतिहास को समर्पित म्यूजियम भी बनाया जाएगा।
हालांकि, यह यूपी का पहला प्रयास नहीं है। 1988 में मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में नोएडा के सेक्टर 16 में फिल्म सिटी की स्थापना हुई थी, लेकिन यह मुख्य रूप से टीवी चैनलों का हब बनकर रह गया। अखिलेश यादव के समय भी आगरा एक्सप्रेसवे पर फिल्म सिटी की योजना बनी, जो सफल नहीं हुई। वर्तमान परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मजबूत समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने 2020 में इसे “देश की सबसे बड़ी और खूबसूरत फिल्म सिटी” बनाने का ऐलान किया था।
बोनी कपूर ने कहा, “हमारा लक्ष्य एक ऐसी फिल्म सिटी बनाना है, जहां फिल्ममेकर एक आइडिया लेकर आए और रिलीज के लिए तैयार फिल्म लेकर जाए।” निर्माण कार्य जनवरी 2025 से शुरू होने की संभावना है, और पहला चरण तीन वर्षों में पूरा होगा। यह परियोजना न केवल बॉलीवुड बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और टीवी इंडस्ट्री के लिए भी वन-स्टॉप डेस्टिनेशन होगी।
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, विश्वसनीय वेब स्रोतों, और इंडस्ट्री ट्रेंड्स पर आधारित है। डेटा और तथ्य Times of India, Hindustan Times, और India Cine Hub जैसे स्रोतों से लिए गए हैं। सब्सिडी और प्रोजेक्ट डिटेल्स में बदलाव संभव है, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की जांच करें।