“उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में IT और ITeS सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई स्कीम लॉन्च की है, जिससे 4.5 लाख नौकरियां सृजित होंगी। डबल ग्रिड पावर, स्टांप ड्यूटी छूट और सिंगल-विंडो सिस्टम जैसे प्रोत्साहन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में वैश्विक कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिससे यूपी टेक हब बनने की राह पर है।”
यूपी में IT और ITeS सेक्टर को नई उड़ान: 2025 की स्कीम का प्रभाव
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और IT-सक्षम सेवाओं (ITeS) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी स्कीम शुरू की है, जिसका उद्देश्य राज्य को भारत का अगला टेक हब बनाना है। इस स्कीम के तहत डबल ग्रिड पावर सप्लाई, स्टांप ड्यूटी में छूट, और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम जैसे प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जो निवेशकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, इस स्कीम ने जापान, सिंगापुर और यूएई जैसे देशों की कंपनियों को आकर्षित किया है, जिन्होंने नोएडा और लखनऊ में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा की है।
निवेश और रोजगार सृजन में तेजी
2024 में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में IT और ITeS सेक्टर में 91,456 करोड़ रुपये की 60 परियोजनाओं की शुरुआत हुई थी। 2025 में यह गति और तेज होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह स्कीम 2025 में 4 से 4.5 लाख नई नौकरियां पैदा करेगी, खासकर AI, क्लाउड कम्प्यूटिंग, और डेटा इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में। नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में TCS, Wipro, और Microsoft जैसी कंपनियां पहले ही अपने परिचालन का विस्तार कर रही हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
प्रमुख प्रोत्साहन और नीतियां
इस स्कीम का सबसे आकर्षक हिस्सा है डब Holistic approach to IT and ITeS sector development in UP” title=”Holistic approach to IT and ITeS sector development in UP” target=”_blank”>डबल ग्रिड पावर सप्लाई, जो बिना रुकावट बिजली सुनिश्चित करती है। साथ ही, स्टांप ड्यूटी में 100% छूट और सिंगल-विंडो सिस्टम निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाता है। इसके अलावा, सरकार ने IT और ITeS को उद्योग का दर्जा दिया है, जिससे उन्हें कर लाभ और सब्सिडी मिल रही है। ये सुविधाएं वैश्विक कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए प्रेरित कर रही हैं।
नोएडा और लखनऊ बन रहे टेक हब
नोएडा और लखनऊ में डेटा सेंटर और IT पार्क स्थापित करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। जापान की NTT और सिंगापुर की STT जैसी कंपनियां नोएडा में बड़े डेटा सेंटर स्थापित कर रही हैं। लखनऊ में IIT और IIM के सहयोग से टेक इनोवेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, जो स्टार्टअप्स और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देंगे। यह यूपी को तकनीकी नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
AI और स्किलिंग पर जोर
इस स्कीम का एक प्रमुख हिस्सा AI और जनरेटिव AI में निवेश को बढ़ावा देना है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, AI/ML इंजीनियर और डेटा साइंटिस्ट जैसे रोल्स की मांग में 8-10% की वृद्धि हुई है। सरकार ने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स शुरू किए हैं, जो यूपी के युवाओं को इन उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करेंगे। इसके लिए TCS और Infosys जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की जा रही है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि, चुनौतियां भी हैं। वैश्विक आर्थिक मंदी और तकनीकी बदलावों के कारण IT सेक्टर में भर्ती दर 2023-24 में 40% घटी थी। लेकिन 2025 में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं, और यूपी की नई स्कीम इस स्थिति को बदलने में सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले पांच वर्षों में यूपी भारत का अग्रणी IT हब बन सकता है, बशर्ते बुनियादी ढांचे और स्किलिंग पर निरंतर ध्यान दिया जाए।
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, विशेषज्ञ विश्लेषणों, और X पर उपलब्ध पोस्ट्स पर आधारित है। डेटा और तथ्य प्रामाणिक स्रोतों से लिए गए हैं, लेकिन पाठकों को स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने की सलाह दी जाती है।