“उत्तर प्रदेश सरकार की नई MSME चैम्पियनशिप इनीशिएटिव 95 लाख इकाइयों को तकनीकी और मार्केटिंग सहायता देगी। 15 नए औद्योगिक क्षेत्र, ₹5 लाख सुरक्षा कवर, और डिजिटल प्लेटफॉर्म से उद्यमी उत्साहित। यह योजना रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देगी।”
यूपी में MSME के लिए नई क्रांति: योगी सरकार की योजनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए ‘MSME चैम्पियनशिप इनीशिएटिव’ शुरू की है, जिसके तहत चयनित इकाइयों को तकनीकी, आर्थिक और मार्केटिंग सहायता मिलेगी। इस योजना से प्रदेश की 95 लाख MSME इकाइयों को लाभ होने की उम्मीद है, जो देश में सबसे अधिक हैं। यूपी के MSME मंत्री राकेश सचान के अनुसार, यह पहल न केवल उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि राज्य को 1,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को साकार करेगी।
इसके तहत, सरकार 11 जिलों में 764.31 एकड़ में 15 नए MSME औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर रही है। इनमें लखनऊ, प्रयागराज, मीरजापुर, मऊ और रायबरेली जैसे जिले शामिल हैं। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) भी 38,665 वर्ग मीटर में अत्याधुनिक फ्लैटेड फैक्टरी परिसर विकसित कर रहा है, जिसे 24 महीनों में पूरा किया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और सुरक्षा कवर: यूपी सरकार ने देश में पहली बार MSME इकाइयों के लिए ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा कवर लागू किया है। यह सुविधा पंजीकृत इकाइयों को दुर्घटना बीमा प्रदान करती है, जिससे 18-60 वर्ष के उद्यमी लाभान्वित हो सकते हैं। इसके अलावा, नया MSME डिजिटल प्लेटफॉर्म उद्यमियों को घर बैठे ऋण, सब्सिडी और अन्य सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे पारदर्शिता और पहुंच में सुधार हुआ है।
रोजगार सृजन और ऋण सुविधा: यूपी में 96 लाख MSME इकाइयां 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार दे रही हैं। सरकार ने 2024-25 के लिए वार्षिक ऋण योजना का लक्ष्य 5.18 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो पिछले साल से डेढ़ गुना अधिक है। मुद्रा योजना के तहत ऋण सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया है, जिससे उद्यमी बड़े प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं। पिछले साल तक 68 लाख से अधिक लोगों ने इस योजना से 48,194.89 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।
पंजीकरण अभियान और प्रशिक्षण: सरकार ने 15 दिवसीय पंजीकरण अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 14 लाख गैर-पंजीकृत MSME इकाइयों को उद्यम पोर्टल पर लाना है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSIC) ने मुफ्त तकनीकी कोर्स शुरू किए हैं, जो उद्यमियों को डिजिटल और तकनीकी कौशल में निपुण बनाएंगे। अगस्त 2025 तक सभी जिलों में स्टेकहोल्डर बैठकों का आयोजन होगा, और दीपावली से पहले आवेदन फॉर्म वितरित किए जाएंगे।
उद्यमियों में उत्साह: इस योजना ने उद्यमियों में नया जोश भरा है। लखनऊ के उद्यमी राहुल वर्मा कहते हैं, “डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी सहायता ने हमारे व्यवसाय को विस्तार देने का भरोसा दिया है।” कानपुर के एक अन्य उद्यमी, प्रिया सिंह, ने बताया कि मुफ्त कोर्स और सुरक्षा कवर ने छोटे व्यवसायों के लिए जोखिम कम किया है। यह योजना यूपी को औद्योगिक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा करती है।
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, सरकारी घोषणाओं और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया गया है, लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स या विशेषज्ञों से परामर्श लें।