मिशन शक्ति 2025: यूपी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कितना फंड?

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

मिशन शक्ति 2025 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बड़े पैमाने पर फंड आवंटित किए हैं। इस साल यूपी ने सुरक्षा उपायों, तकनीकी नवाचारों और जागरूकता अभियानों पर जोर दिया है। आइए जानें कितना बजट, कहां खर्च और क्या होगा असर।

मिशन शक्ति 2025: यूपी में महिलाओं की सुरक्षा को नई दिशा

उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन शक्ति 2025 के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए ₹1,500 करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15% अधिक है। यह फंड मुख्य रूप से वन स्टॉप सेंटर्स (OSCs), विमेन हेल्पलाइन (181), और नारी अदालत जैसे कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए उपयोग होगा।

यूपी में 819 वन स्टॉप सेंटर्स पहले से ही कार्यरत हैं, जो 28 फरवरी 2025 तक 10,98,777 महिलाओं को सहायता प्रदान कर चुके हैं। इस साल 100 और OSCs खोलने की योजना है, विशेष रूप से उन जिलों में जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर अधिक है। प्रत्येक सेंटर को समर्पित वाहन और प्रशिक्षित कर्मचारी दिए जाएंगे, ताकि आपातकालीन सेवाएं तेजी से उपलब्ध हों।

विमेन हेल्पलाइन (181) को और सशक्त करने के लिए ₹50 करोड़ का अतिरिक्त बजट रखा गया है। यह हेल्पलाइन 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत है और अब तक 85,32,847 महिलाओं को सहायता प्रदान कर चुकी है। यूपी में इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि WhatsApp और ऐप-आधारित शिकायत दर्ज करना आसान हो।

See also  यूपी में ग्रामीण महिलाओं के लिए नई नौकरियां: 2025 में बदलाव की बयार

मिशन शक्ति के तहत तकनीकी नवाचारों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। लखनऊ, वाराणसी, और नोएडा जैसे शहरों में Safe City Project के लिए ₹200 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसमें 10,000 अतिरिक्त CCTV कैमरे, पिंक बूथ, और डेडिकेटेड कंट्रोल रूम शामिल हैं। पिंक पेट्रोल यूनिट्स को 50 नए वाहन और 200 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती के साथ मजबूत किया जाएगा।

नारी अदालत, जो ग्राम पंचायत स्तर पर छोटे-मोटे विवादों का समाधान करती है, को ₹30 करोड़ का फंड मिलेगा। यह अदालतें महिलाओं के लिए सुलभ और किफायती न्याय सुनिश्चित करती हैं। 2025 में 500 नई नारी अदालतें स्थापित करने का लक्ष्य है, जो मध्यस्थता और जागरूकता के लिए मंच प्रदान करेंगी।

महिलाओं की आत्मरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ₹300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से 10 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। E-रिक्शा ड्राइविंग और उद्यमिता प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों ने 1 करोड़ महिलाओं को सशक्त किया है।

यूपी सरकार ने जागरूकता अभियानों के लिए ₹100 करोड़ अलग रखे हैं, जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर केंद्रित होंगे। 75 जिलों में रैलियां और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें सरकारी कर्मचारी और स्थानीय नेता शामिल होंगे।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि फंड के उपयोग में पारदर्शिता और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में सुधार की जरूरत है। कुछ जिलों में OSCs और हेल्पलाइन की पहुंच सीमित है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। डिजिटल साक्षरता और भाषा बाधाएं भी चुनौती बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मिशन शक्ति सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प है।” 2025 में यह अभियान तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के साथ नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

See also  यूपी में नई महिला हेल्पलाइन: 24x7 आपातकालीन सहायता अब एक कॉल दूर

Disclaimer: यह लेख मिशन शक्ति 2025 से संबंधित नवीनतम समाचार, सरकारी दस्तावेजों, और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। डेटा और आंकड़े वेब और X पोस्ट से लिए गए हैं, जो परिवर्तन के अधीन हो सकते हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Leave a Comment