“उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025-26 के जेंडर बजट में महिलाओं के कल्याण के लिए ₹500 करोड़ की अतिरिक्त राशि आवंटित की है। यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, और स्वरोजगार योजनाओं में निवेश करेगी। मिशन शक्ति और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा। क्या यह कदम महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बदलेगा?”
यूपी में महिलाओं के लिए ₹500 करोड़ का विशेष बजट: क्या होगा असर?
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने जेंडर बजट में महिलाओं के कल्याण के लिए ₹500 करोड़ की अतिरिक्त राशि आवंटित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15% की वृद्धि दर्शाता है। यह राशि मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, और स्वरोजगार योजनाओं पर केंद्रित होगी, जिसका लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
मिशन शक्ति, जो महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर केंद्रित है, को इस बजट में ₹200 करोड़ का हिस्सा मिलेगा। इसके तहत वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन को और मजबूत किया जाएगा। पिछले साल इन केंद्रों ने 1.2 लाख महिलाओं को कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की थी। इस साल, 50 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की योजना है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां महिलाओं को हिंसा और भेदभाव से निपटने के लिए तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ₹150 करोड़ का आवंटन किया गया है। यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करने, और तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए उपयोग होगी। 2024 में, यूपी में बालिका ड्रॉपआउट दर 12% थी, जो राष्ट्रीय औसत 8% से अधिक है। सरकार का लक्ष्य इसे 2026 तक 5% तक लाना है। इसके लिए, 1,000 नए स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और मुफ्त लैपटॉप वितरण की योजना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में, ₹100 करोड़ का निवेश प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण योजनाओं पर केंद्रित है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (2019-21) के अनुसार, यूपी में 20% महिलाएं कुपोषण से पीड़ित हैं। इस राशि से पोषण 2.0 योजना के तहत किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण किट वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, 500 नए आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए, ₹50 करोड़ महिला उद्यमियों के लिए कम ब्याज वाले लोन और स्टार्टअप प्रशिक्षण के लिए आवंटित किए गए हैं। 2024 में, यूपी में 10,000 महिलाओं ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लिया, और इस साल इस संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य है। ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी फंड आवंटित किया गया है, जिसके तहत 2,000 महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बजट का प्रभाव तभी दिखेगा जब इसका कार्यान्वयन पारदर्शी और प्रभावी होगा। यूपी में पिछले साल जेंडर बजट का केवल 60% हिस्सा ही उपयोग हो पाया था, जिसके कारण कई योजनाएं अधूरी रह गईं। सामाजिक कार्यकर्ता रीता सिंह ने बताया, “बजट आवंटन बढ़ाना अच्छा कदम है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और पहुंच की कमी एक बड़ी चुनौती है।”
इसके अलावा, यूपी में जेंडर बजट की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने की योजना है, जो फंड उपयोग और परिणामों को ट्रैक करेगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को कम करने में मदद कर सकता है। यूपी सरकार ने दावा किया है कि यह बजट महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव 2026 तक देखा जाएगा।
Disclaimer: यह लेख उत्तर प्रदेश सरकार के 2025-26 बजट दस्तावेजों, प्रेस विज्ञप्तियों, और विश्वसनीय समाचार स्रोतों जैसे द हिंदू, टाइम्स ऑफ इंडिया, और पीआईबी से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। डेटा और आंकड़े अनुमानित हैं और कार्यान्वयन के आधार पर बदल सकते हैं।