“अयोध्या ने 2024 में 13.5 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया, जो इसे यूपी का टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाता है। राम मंदिर और योगी सरकार की टूरिज्म कैंपेन ने इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। 2025 में ग्लोबल ट्रैवल मार्ट्स और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ अयोध्या और अधिक पर्यटकों को लुभाएगा।”
अयोध्या: यूपी का टूरिज्म ग्लोबल स्टेज पर चमकेगा
2024 में अयोध्या ने पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की, जिसमें 13.5 करोड़ देसी पर्यटकों और 3,153 विदेशी पर्यटकों ने शहर का दौरा किया। यह आंकड़ा आगरा के ताजमहल को पीछे छोड़ते हुए अयोध्या को उत्तर प्रदेश का सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाता है। राम मंदिर के उद्घाटन ने इस उछाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने न केवल धार्मिक पर्यटकों को आकर्षित किया, बल्कि वैश्विक यात्रियों का ध्यान भी खींचा। यूपी टूरिज्म डिपार्टमेंट के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2024 तक पूरे राज्य में 47.6 करोड़ पर्यटक आए, जिसमें अयोध्या का योगदान सबसे बड़ा रहा।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। 2025 में, यूपी टूरिज्म डिपार्टमेंट दुबई, फ्रांस, जापान, और अन्य देशों में ग्लोबल ट्रैवल मार्ट्स के माध्यम से अयोध्या को प्रमोट करने की योजना बना रहा है। ये कैंपेन न केवल राम जन्मभूमि मंदिर को हाइलाइट करेंगे, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को भी दुनिया के सामने लाएंगे। प्रिंसिपल सेक्रेटरी, टूरिज्म एंड कल्चर, मुकेश मेश्राम ने बताया कि अयोध्या, वाराणसी, और मथुरा जैसे शहरों को मल्टीमीडिया नैरेटिव्स के साथ पेश किया जाएगा ताकि पर्यटकों को एक समग्र अनुभव मिले।
अयोध्या के इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश हुआ है। 178 प्रोजेक्ट्स में ₹30,500 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसमें नए एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी शामिल हैं। अयोध्या हाट, जो सरयू नदी के चौधरी चरण सिंह घाट पर बन रहा है, एक नया सांस्कृतिक केंद्र होगा, जहां स्थानीय हस्तशिल्प, फ्लोटिंग रेस्तरां, और बोट सर्विसेज पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। इसके अलावा, सूर्यकुंड और गुप्तर घाट जैसे ऐतिहासिक स्थलों को मॉडर्न लाइटिंग और लैंडस्केप्ड गार्डन्स के साथ सुंदर बनाया गया है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि अयोध्या की अपील केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। यह शहर अब सांस्कृतिक और अनुभवात्मक पर्यटन का केंद्र बन रहा है। उदाहरण के लिए, राम कथा पार्क में ओपन-एयर थिएटर्स और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो पर्यटकों को शहर की जीवंत संस्कृति से जोड़ते हैं। साथ ही, पर्यावरणीय स्थिरता पर ध्यान देते हुए, अयोध्या में वृक्षारोपण और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।
2025 में, अयोध्या को और अधिक पर्यटकों के लिए तैयार करने के लिए क्राउड मैनेजमेंट और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर जोर दिया जा रहा है। वैटिकन सिटी और मक्का जैसे ग्लोबल तीर्थस्थलों से प्रेरणा लेते हुए, अयोध्या में मल्टी-लेवल पार्किंग और शटल सर्विसेज की योजना है। टूरिज्म मिनिस्टर जयवीर सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य यूपी को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर सबसे ऊपर लाना है। अयोध्या इस दिशा में हमारा सबसे बड़ा कदम है।”
अयोध्या की यह नई पहचान न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है। होटल चेन जैसे IHCL और Marriott International अयोध्या में विस्तार की योजना बना रहे हैं, जो पर्यटन क्षेत्र में और निवेश को आकर्षित करेंगे। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूपी टूरिज्म मोबाइल ऐप के जरिए पर्यटकों को रियल-टाइम जानकारी और बेहतर अनुभव प्रदान किया जा रहा है।
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, यूपी टूरिज्म डिपार्टमेंट की रिपोर्ट्स, और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित है। डेटा और तथ्य विश्वसनीय स्रोतों से लिए गए हैं, लेकिन पाठकों को नवीनतम अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों की जांच करने की सलाह दी जाती है।