“लखनऊ के कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट में 2025 में मुफ्त इलाज और आधुनिक तकनीक से कैंसर रोगियों को राहत मिलेगी। जेनेटिक टेस्टिंग, टार्गेटेड थेरेपी और नए संसाधनों के साथ यह संस्थान उत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति ला रहा है। मरीजों को अब दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं।”
लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट: मुफ्त इलाज और आधुनिक तकनीक की नई पहल
लखनऊ का कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट 2025 में उत्तर भारत के कैंसर रोगियों के लिए एक नया केंद्र बन रहा है। चक गंजरिया में स्थित यह संस्थान मुफ्त इलाज की सुविधा को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। राष्ट्रीय आरोग्य निधि और असाध्य रोग योजना के तहत गरीब मरीजों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके अलावा, जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उन्हें भी इन योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिससे इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी।
संस्थान ने हाल ही में जेनेटिक टेस्टिंग के लिए सेंटर फॉर एडवांस मॉलिकुलर डायग्नॉस्टिक्स ऐंड रिसर्च की स्थापना की है। यह सुविधा कैंसर के जेनेटिक म्यूटेशन की जांच कर टार्गेटेड थेरेपी प्रदान करेगी, जिससे इलाज अधिक प्रभावी होगा। मॉलिकुलर टेस्टिंग से कैंसर सेल्स का सटीक पता लगाकर तुरंत इलाज शुरू करना संभव होगा। इसके साथ ही, संस्थान में नई एमआरआई मशीन की स्थापना की जा रही है, जिससे मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुंह के कैंसर के इलाज में भी संस्थान ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। मैक्सिलो फिएशियल सर्जरी विभाग में एंडोस्कोप यूनिट शुरू की गई है, जिससे कैंसर के फैलाव की समय पर पहचान संभव है। डॉ. गौरव सिंह के अनुसार, साल में कम से कम एक बार एंडोस्कोप जांच से मरीजों को शुरुआती चरण में ही इलाज मिल सकता है।
हालांकि, संस्थान को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2025 में समाजवादी पार्टी ने एक पोस्ट में दावा किया कि संस्थान पर 9 करोड़ रुपये का गृहकर बकाया है, जिसके कारण नगर निगम ने इसका बैंक खाता सीज कर दिया। यह स्थिति मरीजों की सेवाओं पर असर डाल सकती है। इसके बावजूद, संस्थान प्रशासन का दावा है कि 2025 के अंत तक 500 बेड की इंडोर बिल्डिंग और 11 भवनों का निर्माण पूरा हो जाएगा, जिससे यह एक हजार बेड का विशाल प्रोजेक्ट बनेगा।
संस्थान में वर्तमान में 29 विशेषज्ञ डॉक्टर और 60 जूनियर व सीनियर रेजीडेंट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के 219 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। डॉ. आरके धीमन, संस्थान के निदेशक, ने बताया कि मई 2025 तक भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिससे मरीजों को और बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी एक वरदान साबित हो रहा है। पहले जहां मरीजों को दिल्ली या मुंबई जैसे शहरों में जाना पड़ता था, अब यह संस्थान विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि टार्गेटेड थेरेपी और जेनेटिक टेस्टिंग जैसी तकनीकों से कैंसर का इलाज अब पहले से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी हो गया है।
Disclaimer: यह लेख लखनऊ के कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट से संबंधित नवीनतम समाचारों, वेब स्रोतों और एक्स पोस्ट्स पर आधारित है। जानकारी की सटीकता के लिए संबंधित संस्थानों से संपर्क करें।