यूपी सरकार की समाजवादी सुगंध योजना 2025 में किसानों को सुगंधित फसलों जैसे गुलाब, चमेली और लैवेंडर की खेती के लिए प्रोत्साहन दे रही है। यह योजना सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाजार पहुंच प्रदान करती है। बलिया और गोरखपुर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं, जिससे किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है।
यूपी में किसानों के लिए सुगंधित क्रांति की शुरुआत
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में किसानों की आय बढ़ाने के लिए समाजवादी सुगंध योजना शुरू की है, जो सुगंधित फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के तहत गुलाब, चमेली, लैवेंडर और मेंथा जैसी फसलों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जो न केवल उच्च मांग में हैं, बल्कि कम लागत में अधिक मुनाफा दे सकती हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सुगंधित तेलों और इत्र का बाजार 2025 में 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें यूपी की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य है।
योजना के तहत सरकार 50% तक सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिसमें बीज, सिंचाई उपकरण और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। बलिया और गोरखपुर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं, जहां 500 किसानों ने गुलाब और चमेली की खेती शुरू की है। गोरखपुर के जिला उद्यान अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पहले चरण में 200 हेक्टेयर भूमि पर खेती शुरू हुई, जिससे प्रति हेक्टेयर 2-3 लाख रुपये की आय की उम्मीद है।
इसके अलावा, सरकार ने किसानों को प्रशिक्षण के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ साझेदारी की है। लखनऊ और वाराणसी में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जहां किसानों को सुगंधित फसलों की आधुनिक तकनीकों, जैसे ड्रिप इरिगेशन और जैविक खेती, की जानकारी दी जा रही है। योजना का एक अनूठा पहलू यह है कि यह किसानों को सीधे बाजार से जोड़ रही है। Amul और Patanjali जैसी कंपनियों ने सुगंधित तेलों की खरीद के लिए समझौते किए हैं, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे किसानों के लिए शुरुआती निवेश और तकनीकी ज्ञान की कमी बाधा बन सकती है। इसके लिए सरकार ने किसान-ई-मित्र चैटबॉट को एकीकृत किया है, जो किसानों को उनकी भाषा में योजना की जानकारी और तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने जिला उद्यान कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 है, और पहले 10,000 आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, “यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि यूपी को सुगंधित फसलों का हब बनाएगी।”
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, सरकारी घोषणाओं और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। जानकारी की सटीकता के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल्स या जिला कार्यालयों से संपर्क करें।