“उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में जायद फसलों के लिए नई फसल बीमा योजना शुरू की है, जिसमें मूंगफली, मक्का, और लीची जैसी फसलों को शामिल किया गया है। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई और आसान लोन सुविधा प्रदान करेगी। 31 जुलाई 2025 तक आवेदन करें और आर्थिक सुरक्षा पाएं।”
यूपी में किसानों को मिलेगी नई फसल बीमा योजना की सौगात
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जायद फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के दायरे में शामिल किया है। इस नई पहल के तहत मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, पपीता, लीची, तरबूज, खरबूज, और आंवला जैसी फसलों को बीमा कवरेज मिलेगा। यह निर्णय 26 मार्च 2025 को घोषित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इस योजना के तहत किसानों को खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5%, और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होगा। बाकी प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी। विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश में 90% प्रीमियम सब्सिडी केंद्र सरकार वहन करेगी, जिससे किसानों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 जुलाई 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन नजदीकी बैंक शाखा, PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट (pmfby.gov.in), या टोल-फ्री नंबर 14447 के माध्यम से किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, और भूमि संबंधित दस्तावेज जैसे रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) या भूमि कब्जा प्रमाण पत्र (LPC) शामिल हैं।
प्रौद्योगिकी का उपयोग
इस योजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी जोर-शोर से किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों में YES-TECH (यील्ड एस्टिमेशन सिस्टम) लागू किया गया है, जो सैटेलाइट और रिमोट सेंसिंग के जरिए फसल उत्पादन का सटीक अनुमान लगाता है। इससे पारंपरिक फसल कटाई प्रयोगों की आवश्यकता कम होगी और क्लेम प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही, WINDS (वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डेटा सिस्टम) के तहत ब्लॉक स्तर पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और पंचायत स्तर पर रेन गेज लगाए जा रहे हैं, ताकि किसानों को सटीक मौसम जानकारी मिल सके।
किसानों को आर्थिक लाभ
यूपी में अब तक 56.22 लाख किसानों को PMFBY के तहत 4,494.34 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है। नई योजना के तहत जायद फसलों को शामिल करने से छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ होगा, क्योंकि ये फसलें मार्च-अप्रैल में बोई जाती हैं और गर्मी व शुष्क हवाओं को सहन करने की क्षमता रखती हैं। इसके अलावा, KCC के तहत कम ब्याज दरों पर लोन और समय पर चुकाने पर 3% ब्याज छूट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
क्लेम प्रक्रिया में सुधार
केंद्र सरकार ने क्लेम प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए कृषि रक्षक पोर्टल और क्रॉप इंश्योरेंस ऐप को सक्रिय रखा है। किसान टोल-फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। नई व्यवस्था में रिमोट सेंसिंग के जरिए नुकसान का आकलन कम से कम 30% तक अनिवार्य किया गया है, जिससे गड़बड़ियों की शिकायतें कम होंगी।
उत्तर प्रदेश में प्रभाव
यूपी के किसानों के लिए यह योजना आर्थिक स्थिरता लाने में कारगर साबित होगी। खासकर उन क्षेत्रों में जहां जायद फसलें जैसे खीरा, कद्दू, और गन्ना प्रमुखता से उगाई जाती हैं, यह योजना न केवल नुकसान की भरपाई करेगी, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। सरकार ने 2025-26 तक इस योजना के लिए 69,515.71 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो देशभर के किसानों के लिए राहत की बात है।
Disclaimer: यह लेख समाचार, सरकारी रिपोर्ट, और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। जानकारी की सटीकता के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in और संबंधित सरकारी पोर्टल्स की जांच करें।