“उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्वेस्ट यूपी 2.0 के तहत नई नीतियां लॉन्च की हैं, जिसका लक्ष्य राज्य को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाना है। सिंगल विंडो सिस्टम, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, और टेक्सटाइल पार्क जैसी पहलें निवेशकों को आकर्षित करेंगी। 2027 तक 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे लाखों रोजगार सृजित होंगे।”
यूपी में निवेश की नई क्रांति: योगी सरकार की नीतियां लॉन्च
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्वेस्ट यूपी 2.0 के तहत नई औद्योगिक नीतियों का ऐलान किया है, जिससे राज्य को वैश्विक निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनath ने हाल ही में इन्वेस्ट यूपी की समीक्षा बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए, ताकि निवेशकों को सभी स्वीकृतियां समय पर मिलें। इस सिस्टम के तहत डीम्ड अनुमति लागू होगी, जिससे देरी खत्म होगी और निवेश प्रक्रिया सुगम होगी।
नई नीतियों में ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC), फिनटेक, बायोटेक, फुटवियर, और सर्विस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। 10 जून 2025 को लखनऊ में होने वाले GCC कॉन्क्लेव में जेपी मॉर्गन जैसी 50 से अधिक मल्टीनेशनल कंपनियां हिस्सा लेंगी, जो यूपी को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये का निवेश और 50,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
इन्वेस्ट यूपी अब दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में कार्यालय खोलने की योजना बना रहा है, ताकि वैश्विक निवेशकों और भारतीय दूतावासों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित हो। यह कदम यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देगा। हाल ही में, डच कंपनी NXP सेमीकंडक्टर्स ने नोएडा में 8,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ R&D सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है, जो सेमीकंडक्टर और AI क्षेत्र में यूपी की स्थिति को मजबूत करेगा।
वर्ष 2024-25 में यूपी में 3,318 नई फैक्ट्रियां पंजीकृत हुईं, जो पिछले वर्षों की तुलना में दोगुनी हैं। इनमें 460 ऐसी इकाइयां हैं, जहां 100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। औद्योगिक सकल मूल्य वर्धन (GVA) में यूपी की हिस्सेदारी 2022-23 में 6.1% तक पहुंच गई, जो 1.3 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।
मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी के तहत ‘चेज़िंग सेल’ के गठन का भी निर्देश दिया है, जो सेक्टर-आधारित निगरानी और निवेश संवाद को सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की नई यूनिट के लिए 300 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसे 80 हेक्टेयर मुफ्त जमीन दी गई है। यह रक्षा क्षेत्र में यूपी की बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाता है।
यूपी सरकार ने 2027 तक 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच तीसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ लैंड यूज परिवर्तन और एनवायरनमेंट क्लीयरेंस प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।
इन्वेस्ट यूपी की वेबसाइट के अनुसार, आयुष चिकित्सा, टेक्सटाइल, और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी। यूपी की रणनीतिक स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी, जैसे 3,235 नए पुलों की योजना, इसे उत्तरी भारत का लॉजिस्टिक्स हब बना रही है।
Disclaimer: यह लेख हाल के समाचारों, इन्वेस्ट यूपी की आधिकारिक वेबसाइट, और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। डेटा और तथ्य नवभारत टाइम्स, जागरण, और बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे स्रोतों से लिए गए हैं। निवेश से संबंधित निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।