उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन 2025 का नया चरण युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करेगा। 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। नई तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और इंटर्नशिप पर जोर। हेल्प डेस्क और रोजगार मेले सुनिश्चित करेंगे बेहतर कनेक्टिविटी।
यूपी में स्किल डेवलपमेंट मिशन 2025: युवाओं के लिए नई राहें
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने 2025 में अपने नए चरण की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य राज्य के 14-35 आयु वर्ग के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के साथ जोड़ते हुए कहा कि 2025 तक 50% छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इस चरण में 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है, जिसमें विशेष रूप से डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।
नए चरण में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के साथ साझेदारी के तहत आईटीआई छात्रों को उद्योगों में भौतिक इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। यह पहल युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। गोरखपुर, लखनऊ, और नोएडा जैसे शहरों में 27 कंपनियों ने हाल ही में रोजगार मेले में भाग लिया, जिसमें 27,000 युवाओं को नौकरी के ऑफर दिए गए। न्यूनतम वेतन ₹12,000 प्रति माह तय किया गया है, जो पहले के ₹9,000 से एक बड़ा कदम है।
मिशन का एक प्रमुख हिस्सा ‘हुनर हाथ’ प्रोजेक्ट है, जो पांच जिलों में पायलट आधार पर शुरू हुआ है। यह प्रोजेक्ट घरेलू सहायकों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिसमें खाना पकाने, घर की सफाई, और उपकरणों के रखरखाव जैसे कौशल शामिल हैं। प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी ‘हुनर हाथ’ पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिससे नियोक्ता उनकी सेवाएं आसानी से ले सकें। इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
इसके अलावा, मिशन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करने के लिए नया पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह पोर्टल हर 15 दिन में रोजगार से संबंधित डेटा अपडेट करेगा, जिससे युवा और नियोक्ता आसानी से जुड़ सकें। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। आवेदकों को आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ www.upsdm.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। हेल्प डेस्क नंबर (+91-9005604448) भी उपलब्ध है।
प्रशिक्षण के बाद, उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश स्किल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जो उनकी योग्यता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देगा। मिशन ने अब तक 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया है, जिसमें से 5.66 लाख को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इस चरण में 75% प्रशिक्षित युवाओं को प्रदेश में ही नौकरी दिलाने का लक्ष्य है, जिसके लिए जिलाधिकारियों के माध्यम से सत्यापन होगा।
कौशल सतरंग योजना भी इस चरण का हिस्सा है, जो 2.37 लाख लोगों को विशेष प्रशिक्षण देगी। इसके तहत हर जिले में रोजगार मेलों का आयोजन होगा, और नए कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि ग्रामीण युवाओं को शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। मिशन अब अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्राप्त Gaul, जिससे नए पाठ्यक्रम डिजाइन किए जा सकेंगे।
Disclaimer: यह लेख उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और संबंधित योजनाओं पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी और समाचारों पर आधारित है। डेटा और तथ्यों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग किया गया है।